Manesar News : ड्रोन सर्वे से मानेसर की अवैध कॉलोनियां होंगी वैध, नगर निगम ने शुरू किया काम
ड्रोन सर्वे के माध्यम से, मानेसर निगम की सीमा के भीतर आने वाली सभी वैध और अवैध कॉलोनियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे में हर कॉलोनी की वास्तविक सीमाओं की डिजिटल मार्किंग की जाएगी। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) पर दर्ज किया जाएगा, जिससे एक सटीक डिजिटल मैप तैयार हो सकेगा।

Manesar News : मानेसर नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन कॉलोनियों की सटीक पहचान और सीमांकन के लिए निगम ने अब ड्रोन सर्वे कराने का फैसला किया है। यह सर्वे अवैध कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाने और उन्हें कानूनी मान्यता देने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगा।
इस ड्रोन सर्वे के माध्यम से, मानेसर निगम की सीमा के भीतर आने वाली सभी वैध और अवैध कॉलोनियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे में हर कॉलोनी की वास्तविक सीमाओं की डिजिटल मार्किंग की जाएगी। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र को भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) पर दर्ज किया जाएगा, जिससे एक सटीक डिजिटल मैप तैयार हो सकेगा।
इस प्रक्रिया के तहत, प्रत्येक कॉलोनी में मौजूद प्लॉटों की संख्या, उनकी स्थिति, निर्माण का प्रकार और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी आकलन किया जाएगा। यह पूरी कवायद हरियाणा सरकार की उन अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है, जिन्हें अब तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा है।
साल भी एक सर्वे में 37 ऐसी कॉलोनियों की पहचान की गई थी, जिन्हें अब इस प्रक्रिया के तहत वैधता मिलेगी।
मानेसर के निगम क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियों की समस्या काफी पुरानी है। इन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को पानी, सीवर और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता है। यह ड्रोन सर्वे न केवल इन कॉलोनियों का सटीक डेटा उपलब्ध कराएगा, बल्कि सरकार को यह तय करने में भी मदद करेगा कि कौन सी कॉलोनियां वैधता के सभी मानदंडों को पूरा करती हैं।
निगम अधिकारियों का मानना है कि इस वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से सर्वे कराने से पूरी प्रक्रिया में तेजी आएगी। एक बार जब इन कॉलोनियों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी, तो नगर निगम इनमें विकास कार्य शुरू कर सकेगा और निवासियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा पाएगा। सर्वे से प्राप्त जानकारी को जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा, ताकि इन कॉलोनियों को कानूनी मान्यता मिल सके।

शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों पर यह सर्वे शुरू किया गया है। निगम ने इस काम के लिए एक निजी एजेंसी को चुना है, जिसके लिए लगभग नौ लाख रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया गया है।
टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले महीने तक ड्रोन सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। इस कदम से न सिर्फ हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि मानेसर के शहरी विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।












